ज्ञापन सौंपकर हार्टीफ्रूट आई बेरीज कंपनी पर एआईएमआईएम पार्टी ने लगाया आरोप
Betul Ki Taja Khabar/मुलताई। क्षेत्र के ग्राम डहरगांव में संचालित हार्टीफुट आई बैरिज कंपनी में मजदूरो को निर्धारित दरों से कम मजदूरी देने का आरोप एआईएमआईएम पार्टी द्वारा तहसीलदार को सौंपे ज्ञापन के माध्यम से लगाया गया है। ज्ञापन में कहा गया है कि विधान सभा क्षेत्र में ग्राम डहरगांव में एक व्यवसायिक प्राईवेट हार्टीफुट आई बैरिज नामक कंपनी ब्लूबेरी नामक फल का सैकड़ों एकड़ में व्यवसायिक स्तर पर उत्पादन कर रही है। जिसके लिए कंपनी को बडी मात्रा में पानी एवं मजदूरो की आवश्यकता है। कंपनी द्वारा जल संसाधन विभाग के अधिकारियों से सांठगांठ कर बड़ी मात्रा में मोटरें लगाकर वर्धा जलाशय से पानी लिया जा रहा है। जबकि वर्धा जलाशय परियोंजना एक कृषि योजना है जो कि किसानों के लिए बनाई गई है। वर्धा जलाशय परियोजना का मुख्य उददेश्य किसानों को वर्ष भर पानी उपलब्ध कराना है जबकि हार्टीफुट आई बैरिज कंपनी जमीन के नीचे मोटी मोटी पाईप लाईन बिछाकर उक्त पानी का उपयोग कर रही है जिसमें जलाशय का पानी पुर्ण रूप से सुख चुका है। जिसके चलते शासन का उद्देश्य पुर्ण होता नही दिखाई दे रहा है।
Betul Samachar News: नगर में अधिकारियों की कार्रवाई का नही होता असर, एक दिन बाद फिर स्थिति खराब
शासन की इस परियोजना में किसानों की जमीन सूखी पड़ी हुई है वहीं कंपनी करोड़ो रूपए का फायदा कमा रही है। इसके साथ ही कंपनी में कार्यरत लेबर कांट्रेक्टर जिसके पास मात्र 200-300 मजदूरों का लायसेंस है वह इससे अधिक मजदूर कंपनी में चला रहा है। नियमानुसार प्रत्येक मजदूर को प्रतिदिन 478 रूपए मजदूरी मिलना चाहिए जिसमें लेबर कान्ट्रेक्टर कंपनी के एचआर के साथ मिलकर प्रत्येक मजदूर को 78 रूपए कम मजदूरी दे रहा है । जिसके चलते प्रतिदिन 78 हजार रूपए प्रतिदिन का भ्रष्टाचार किया जा रहा है । बताया जा रहा है कि मजदूरों को जंगली इलाके में कार्य करना होता है जहां मजदूरों के लिए स्वास्थ्य, शौचालय एवं सुरक्षा से सबंधित तथा पीएफ एवं मेडिक्लेम, बीमा संबधित मुलभुत सुविधा उपलब्ध नही है। नियमानुसार प्रत्येक मजदूर को पीएफ, बीमा, मेडिक्लेम पालिसी , शौचालय जैसी मुलभुत सुविधा मिलनी चाहिए। पूरे मामले में सांठ गांठ से चल रहे किसानों एवं मजदूरों के शोषण पर उच्चाधिकारियों से कार्रवाई की मांग की गई है।

