Betul Ki Taja Khabar/मुलताई। शासकीय महाविद्यालय में नारी शक्ति वंदन’ल पखवाड़े के अंतर्गत एक विशेष संवाद सत्र का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. कमलेश सरिया एवं जनभागीदारी सदस्य रचना देशकर द्वारा मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया गया।
कार्यक्रम अधिकारी डॉ. ममता राजपूत ने जानकारी देते हुए बताया कि इस अवसर पर विषय विशेषज्ञों द्वारा विद्यार्थियों को भारतीय समाज में महिलाओं के विशिष्ट योगदान के बारे में विस्तार से बताया गया। रचना देशकर ने अपने उद्बोधन में कहा कि समाज महिलाओं के सशक्त नेतृत्व और उनके ज्ञान-कौशल का ऋणी है। उन्होंने छात्र-छात्राओं को महिलाओं की राजनीतिक स्थिति तथा विभिन्न क्षेत्रों में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका के बारे में जानकारी दी। प्राचार्य डॉ. कमलेश सरिया ने कहा कि देश की लगभग आधी आबादी महिलाओं की है और देश को सशक्त बनाने में उनकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने महिलाओं को अपनी योग्यता और नेतृत्व क्षमता को विकसित कर हर क्षेत्र में अग्रणी बनने के लिए प्रेरित किया।
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वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ. बी.आर. बारस्कर एवं प्रो. तारा बारस्कर ने भी अपने विचार रखते हुए कहा कि महिलाओं को सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक और वैज्ञानिक सभी क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करना चाहिए। साथ ही समाज की जिम्मेदारी है कि वह महिलाओं के लिए सुरक्षित, सहयोगात्मक और सकारात्मक वातावरण सुनिश्चित करे। सामाजिक कार्यकर्ता एवं महिला उद्यमी पायल अग्रवाल ने भी अपने अनुभव साझा करते हुए महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ. ममता राजपूत ने किया। अंत में डॉ. वर्षा ठाकरे ने आभार प्रदर्शन किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में डॉ. पंकज झाड़े, डॉ. विनय कुमार राठौर, डॉ. अनुज डोनिवाल, प्रो. प्रियंका भोपते, प्रो. पूजा देशमुख, प्रो. अंजलि सौदागर, प्रो. कृष्णा नरबरे, डॉ. दीपिका पिपरदे सहित राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई का विशेष योगदान रहा।

