भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, विधायक चंद्रशेखर देशमुख, जिला अध्यक्ष सुधाकर पवार, जिला मंत्री वर्षा गढ़ेकर की मौजूदगी में हुई भाजपा में शामिल
Betul Daily News/मुलताई । मुलताई नगर पालिका अध्यक्ष नीतू प्रहलाद सिंह परमार ने भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया है। गुरुवार को भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं बैतूल विधायक हेमंत खंडेलवाल, मुलताई विधायक चंद्रशेखर देशमुख, भाजपा जिला अध्यक्ष सुधाकर पवार, भाजपा जिला मंत्री श्रीमती वर्षा गढ़ेकर की मौजूदगी में मुलताई नपा अध्यक्ष नीतू परमार एवं उनके पति प्रहलाद सिंह परमार भाजपा में शामिल हुए। भाजपा में शामिल होने पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष, मुलताई विधायक, भाजपा जिला अध्यक्ष एवं जिला मंत्री ने मुलताई नपा अध्यक्ष नीतू एवं उनके पति प्रहलाद सिंह परमार का अंगवस्त्र एवं पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया और मिठाई खिलाकर बधाई दी।इस दौरान मुलताई नगर मंडल अध्यक्ष गणेश साहू भी मौजूद थे।
इस अवसर पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की रीति-नीति और विकास कार्यों से प्रभावित होकर विभिन्न वर्गों के लोग लगातार पार्टी से जुड़ रहे हैं। उन्होंने नीतू परमार का भाजपा परिवार में स्वागत किया।
नीतू बोली किसी कारण से कांग्रेस में जाने का उठाया था कदम
मुलताई नपा अध्यक्ष श्रीमती नीतू परमार ने भाजपा में वापसी पर कहा कि उनका परिवार वर्षों से भाजपा से जुड़ा है। किसी कारणवश उन्हें दूसरा कदम उठाना पड़ा। उन्होने कहा कि भाजपा संगठन की रीति – नीति एवं भाजपा की केंद्र एवं मध्यप्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों से प्रभावित हैं तथा क्षेत्र के विकास और जनसेवा के उद्देश्य से पुनः भाजपा में शामिल हुई हैं। उन्होंने कहा कि अब हम सब मिलकर संगठन को मजबूत करने के साथ ही विकास के लिए काम करेंगे।
Read Also: Accident News: दो बेटियों के साथ कार्यक्रम में जा रही महिला आरक्षक की कार दुर्घटनाग्रस्त
वर्षा गढ़ेकर ने कहा मिलजुल का होगा नगर का विकास
भाजपा जिला मंत्री श्रीमती वर्षा गढ़ेकर ने कहा कि मुलताई नगरपालिका अध्यक्ष श्रीमती नीतू परमार का भाजपा में वापसी होने पर स्वागत, अभिनंदन है। उन्होंने कहा कि श्रीमती नीतू परमार द्वारा भाजपा में शामिल होने के बाद वरिष्ठ नेतृत्व के मार्गदर्शन में सब मिलकर विकास के लिए कम करेंगे।
भाजपा से पार्षद चुनाव जीतकर कांग्रेस में शामिल हुई थी नीतू
मुलताई नगर पालिका चुनाव वर्ष 2022 में संपन्न हुआ जिसमें भाजपा के टिकिट से नीतू परमार चुनाव जीतकर पार्षद बनी थी। इसके बाद कांग्रेस के पार्षदों से मिलकर उन्होंने नगर पालिका अध्यक्ष का चुनाव जीता। इसके बाद वे भाजपा छोड़कर कांग्रेस में विधिवत शामिल हो गई। इसके बाद उनकी प्रतिद्वंदी रही वर्षा गढ़ेकर ने चुनावी प्रक्रिया को चुनौती देते हुए एडीजे कोर्ट का दरवाजा खटखटाया जिसमें जून 2023 को चुनाव शून्य घोषित कर दिया इसके साथ ही आगामी आदेश तक वर्षा गढ़ेकर को नपाध्यक्ष नियुक्त किया गया। इस फैसले के खिलाफ नीतू परमार ने हाईकोर्ट की शरण ली जिस पर उन्हे स्टे मिल गया जिससे 15 जुलाई को एक बार फिर नीतृ परमार अध्यक्ष पद पर बैठी इसके बाद उनकी प्रतिद्वंदी वर्षा गढ़ेकर द्वारा उन्हे पुनः चुनौती देते हुए सुप्रीम कोट से स्टे पर स्टे ले आया जिससे वर्षा गढ़ेकर 10 जनवरी को पुनः अध्यक्ष बन गई। इस पर नीतू परमार द्वारा हाईकोर्ट के प्रकरण में पुनः 6 अप्रैल को नीतू परमार को पुनः कार्यभार संभलने की अनुमति दी। जिसके बाद से ही राजनैतिक गलियारों में नीतू परमार के भाजपा में शामिल होने की चर्चाएं गर्म हो गई थी।

