Betul News/भैंसदेही/मनीष राठौर:- भैंसदेही जनपद पंचायत भैंसदेही के अंतर्गत कुर्सी नदी पर स्वीकृत स्टॉप डैम निर्माण में करोड़ों की योजना का कागजी घोटाला सामने आया है। मुख्यमंत्री ग्राम सड़क एवं अवसंरचना योजना के तहत मंजूर इस प्रोजेक्ट (Work ID: 101337354) की कुल लागत ₹10 लाख बताई गई, लेकिन अब तक बिना कोई काम शुरू किए ₹2.99 लाख की राशि आहरित कर ली गई। ग्रामीणों में रोष है कि यह शासकीय धन का खुला दुरुपयोग है।
GRS पर भ्रष्टाचार के सीधे आरोप
मामले में ग्राम रोजगार सचिव (GRS) प्रकाश सूर्यवंशी पर वेंडर से मिलीभगत कर फर्जी भुगतान कराने का आरोप लगा है। वे वर्तमान में सचिव के वित्तीय प्रभार में हैं। सूत्रों के अनुसार, उन्होंने ग्राम पंचायत की महिला सरपंच सुशीला सतीश उईके को पूरी जानकारी से अनभिज्ञ रखा। सरपंच को ठेंगा दिखाकर GRS ने ही सारा खेल रचा, जिससे वित्तीय अनियमितता का पर्दाफाश हुआ।
स्वीकृति कुर्सी नदी पर, काम कहीं और? दस्तावेजों में हेरफेर
खुलासा हुआ कि:
- कार्य की तकनीकी और प्रशासकीय स्वीकृति स्पष्ट रूप से कुर्सी नदी पर दी गई है।
- लेकिन खसरा नक्शा किसी अन्य नाले का चस्पा कर दिया गया।
- नाले पर काम शुरू करने की बात कही जा रही, जबकि कुर्सी नदी पर एक ईंट भी नहीं लगी।
- यह फर्जीवाड़ा साफ तौर पर दस्तावेजों में छेड़छाड़ और गलत जगह काम दिखाकर भुगतान वसूलने की साजिश को उजागर करता है। स्थल पर पहुंचने वाले ग्रामीणों ने पुष्टि की कि कोई निर्माण कार्य नहीं हुआ, सिर्फ कागजों पर ‘काम पूरा’ का ड्रामा चला।
₹2.99 लाख का संदिग्ध भुगतान, घोटाले की आशंका
बिना भौतिक प्रगति के ₹2,99,000 की राशि GRS के इशारे पर जारी कर दी गई। यह राशि कुल बजट का लगभग 30% है, जो बिना फील्ड वेरिफिकेशन के निकाली गई। यदि बाकी ₹7 लाख भी इसी तरह उड़ाए गए, तो यह multimillion का स्कैम बन सकता है।
भोपाल से मंजूर योजना का पूरा विवरण
मध्यप्रदेश शासन, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, भोपाल के आदेश (एफ.टा./निर्माण-108/2025/1059, दिनांक 24/09/2025) के अनुसार:
कार्य का नाम: स्टॉप डैम निर्माण कार्य कुर्सी नदी पर।
ग्राम पंचायत: धूड़ियानई।
कुल लागत: ₹10,00,000।
योजना: मुख्यमंत्री ग्राम सड़क एवं अवसंरचना योजना।
स्वीकृति तिथि: 16/08/2024 (प्रमुख अभियंता ग्रामीण यांत्रिकी सेवा, भोपाल के पत्र दिनांक 08.09.2025 पर आधारित)।
ग्रामीणों की मांग: तत्काल जांच और कार्रवाई
जागरूक नागरिकों और ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है:
कार्य स्थल का भौतिक सत्यापन (फील्ड निरीक्षण) कराया जाए।
GRS प्रकाश सूर्यवंशी, वेंडर और संबंधित अधिकारियों की निष्पक्ष जांच हो।
आहरित ₹2.99 लाख की तत्काल वसूली की जाए।
दोषियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई हो।
ग्रामीणों का कहना है, “यदि समय रहते जांच नहीं हुई, तो यह छोटा मामला बड़े घोटाले में बदल जाएगा।” जिला कलेक्टर से तुरंत हस्तक्षेप की अपील की जा रही है।

