अतिक्रमण सिद्ध हुआ तो टूटेंगे कई मकान
Betul Samachar/मुलताई। ताप्ती नाले में कथित अतिक्रमण से जुड़े प्रकरण में न्यायालय द्वारा पूर्व में सीमांकन के आदेश दिए गए थे, जिसके बाद वादियों द्वारा प्रस्तुत आपत्तियों को निरस्त कर दिया गया था। इसी क्रम में मकान मालिकों की ओर से नियुक्त कमिश्नर के साक्ष्य बयान दर्ज कराने हेतु आवेदन प्रस्तुत किया गया जिस पर नगर पालिका एवं शासन की ओर से आपत्तियां दर्ज कराई गईं। आवेदन पर सुनवाई करते हुए न्यायालय ने प्रकरण में कमिश्नर के बयान दर्ज करने की अनुमति प्रदान कर दी है। न्यायालय के निर्देशानुसार स्थगन आवेदन पर अंतिम बहस से पूर्व कमिश्नर के बयान दर्ज किए जाएंगे।
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नगर पालिका की ओर से अधिवक्ता पंकज यादव ने बताया कि न्यायालय द्वारा प्रकरण के प्रारंभ से ही अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई पर कोई स्थगन आदेश पारित नहीं किया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्थगन के लिए आवेदन लंबित है, जिस पर अभी तक सुनवाई नहीं हुई है। इसी कारण शासन और नगर पालिका द्वारा अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई नहीं की गई है। इधर मकान मालिकों द्वारा न्यायालय में ताप्ती नाले के अस्तित्व को काल्पनिक बताने का प्रयास किया जा रहा है। हालांकि, कमिश्नर के बयान एवं अभिलेख सामने आने के बाद वास्तविक स्थिति स्पष्ट होने की संभावना जताई जा रही है। उल्लेखनीय है कि ताप्ती नाले के आसपास बने मकानों को लेकर यह विवाद लंबे समय से चला आ रहा है। जिसमें अतिक्रमण सिद्ध होने के बाद कई लोगों के मकान ढहाए जा सकते हैं।

